🗓16 जून - शहिद दिवस
*क्रांतिकारी शहीद अमानत अली, शहीद सलामत अली और शहीद शेख हारून* - इन्हे आज ही के दिन आम के पेड़ से लटकाकर फांसी दे दी गयी।
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क्या आपको मालूम है 16 जून यानी आजके दिन ही मशहूर *क्रांतिकारी शहीद अमानत अली, शहीद सलामत अली और शहीद शेख हारून को आम के पेड़ पर लटकाकर फांसी दे दी गई थी* .
*ये तीनों 1857 के दौरान अस्थायी 5वीं घुड़सवार फ़ौज में सिपाही के हैसियत से तैनात थे,
12 जून 1857 को *अजीमुल्लाह खाँ के मुखबिरों के ज़रिये मेरठ में हुई सिपाहियों की बगावत एवं उनकी शहादत की खबर जैसे ही रोहिणी के फौजी छावनी में पहुंची, इन तीनो सिपाहियों ने बग़ावत का बिगुल फूंक दिया*.
*तीनों शहीदों ने यहाँ तैनात मेजर मैकडोनाल्ड एवं उनके दो साथी अफसर नार्मन लेसली तथा डॉ. ग्रांट को उनके घर पर चाय पीते हुए घेर लिया*. लेसली इस हमले में मारा गया लेकिन अन्य दो घायल वहां से भागलपुर मुख्यालय भागने में सफल रहे. भागलपुर मुख्यालय ने इसके बाद और फ़ौज भेजकर रोहिणी के सिपाही विद्रोह को बर्बरतापूर्वक कुचल दिया. रोहिणी में ही इन तीनों सैनिकों का कोर्ट मार्शल हुआ और *16 जून 1857 को आम के पेड़ पर लटकाकर फांसी दे दी गई*.
*आज अमर शहीद सलामत अली, अमानत अली, शेख हारुन का 163वां शहादत दिवस है*
*वैसे कौन याद करता है इन्हे ?? मै भी नहीं तुम भी और वो भी नहीं*
*आज 1857 के सिपाही विद्रोह के दौरान शहीद हुए इन बहादुर सिपाहियों को उचित सम्मान नहीं मिल रहा है*। ज़रूरत है इन वीर शहीदों की जीवनी प्रकाशित कर *इतिहास के पन्नों में दर्ज कर पाठयक्रम में शामिल किया जाये*।
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Mo umar ashraf
Source- heritage times
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संकलन *अताउल्ला पठाण सर टूनकी बुलढाणा महाराष्ट्र*





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