“गरीबों की आवाज़ बने AIMIM और अल्पसंख्यक आयोग – औसा में अन्याय के खिलाफ उठी दोहरी ताक़त”
📰 औसा में अतिक्रमण कार्रवाई पर बवाल – AIMIM और अल्पसंख्यक आयोग हुए सख्त
औसा (प्रतिनिधि) :
औसा शहर में चल रही अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में खलबली मच गई है। नगर परिषद की कार्रवाई पर AIMIM और महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग दोनों ने गंभीर आपत्ति जताई है और गरीब दुकानदारों को न्याय दिलाने की मांग उठाई है।
📌 AIMIM का रुख – “गरीबों का रोज़गार मत उजाड़ो”
22 अगस्त को AIMIM नेताओं ने नगर परिषद मुख्याधिकारी को पत्र सौंपकर कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में छोटे दुकानदारों और गरीब व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा है। जबकि बड़े-बड़े अतिक्रमणों को छुआ भी नहीं जा रहा। AIMIM ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई पर रोक नहीं लगाई और पुनर्वसन की व्यवस्था नहीं की, तो 2 सितम्बर से नगर परिषद कार्यालय के सामने तीव्र आंदोलन शुरू होगा।
📌 अल्पसंख्यक आयोग की चेतावनी – “नियम तोड़े तो होगी सख्त कार्रवाई”
वहीं महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने भी औसा नगर परिषद के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। आयोग की ओर से जिला प्रशासन को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा और अल्पसंख्यक समाज पर अन्याय हो रहा है। आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो संबंधित अफसरों पर अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी।
👉 दोनों पक्षों के कड़े रुख से औसा नगर परिषद पर दबाव बढ़ गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस विवाद को कैसे सुलझाता है।


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