रमज़ान में बच्चों ने पेश की इंसानियत और दीनी जज़्बे की मिसाल

 रमज़ान में बच्चों ने पेश की इंसानियत और दीनी जज़्बे की मिसाल





औसा (प्रतिनिधि): रमज़ान का मुबारक महीना इबादत,रहमत और नेकी का पैग़ाम लेकर आता है.इसी सिलसिले में ऑर्बिट प्री-प्रायमरी इंग्लिश स्कूल द्वारा हर साल की तरह इस साल भी सदका बॉक्स एक्टिविटी का आयोजन किया गया,ताकि बच्चों में दान और हमदर्दी की भावना विकसित हो सके.नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी छोटी-छोटी बचत से बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और यह साबित कर दिया कि भलाई की शुरुआत छोटी होकर भी बड़ा असर रखती है.

     बच्चों ने पूरे रमज़ान में न सिर्फ सदका दिया,बल्कि दुआओं का खास एहतिराम करते हुए तीनों आशूरों की दुआओं में हिस्सा लिया.तिसरे आशूरे के आखिर में सदका बॉक्स खोले गए,जिसमें कुल रु.11,100/- जमा हुए.इस रकम में से औसा के तीनों मदरसों को हजार-हजार रुपये दिए गए.इसके अलावा जरूरतमंदों को चार राशन किट और दो शीरखुर्मा किट वितरित किए गए तथा बाकी रकम जरूरतमंद बेवाओं को दी गई.इस वक्त स्कूल के संचालक ऍड.इकबाल शेख, प्रिंसिपल अंजुमनेहा इकबाल शेख, पर्यवेक्षिका तहेनियत पठाण,शिक्षिका तरन्नूम पटेल,सालेहा शेख,मुस्कान शेख,सानिया जमादार,आफरीन सिद्दीकी,आयेशा शेख,अल्फीया करपुडे,जरीना शेख,गुल्फशा काझी,शबनम सय्यद, उमर शेख, शेख सय्यदभाई मौजूद थे.

     इसीतरहा रमज़ान के दौरान बच्चों ने दीनी मालूमात बढ़ाने के लिए रमज़ान क्विज कॉम्पिटिशन में उत्साह से हिस्सा लिया,रमज़ान बयान में सहभाग लिया तथा जंग-ए-बदर जैसे अहम वाकये पर भी रोशनी डाली गई,जिससे उनके अंदर इस्लामी इतिहास और तालीम के प्रति रुचि बढ़ी.वाकई,यह पहल सिर्फ आर्थिक सहयोग नहीं,बल्कि बच्चों के दिलों में इंसानियत,रहमदिली,दीन की समझ और समाज सेवा के बीज बोने की एक खूबसूरत कोशिश है.अल्लाह तआला इन नन्हे हाथों की इस बड़ी नेकी को कबूल फरमाए.दोनों जहां में कामयाबी और बुलंदी अता फरमाए.उन्हें आगे भी ऐसे ही नेक काम करने की तौफीक अता फरमाए,आमीन.

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