सोलापुर उर्दू घरऔर इंडियन यूथ एसोसिएशन ने सोलापुर के सुपूत्र फारूक सैय्यद को खिराजे अकिदत पेश की
दुनिया फारूक सैय्यद को आगे बढ़ते हुए देख रही है। मैंने उन्हें एक जर्रे से अफताब बनते देखा है: अय्यूब अहमद नल्लामंदू
सोलापुर - सोलापुर उर्दू घर और इंडियन यूथ एसोसिएशन ने सीनियर पत्रकार अय्यूब अहमद नल्लामंदू की अध्यक्षता में बच्चों के साहित्य के एक जाने-माने पायनियर, एक मशहूर पत्रकार, उर्दू के सेवक, साहित्य की दुनिया में एक बहुत ही सक्रिय और जोशीले कार्यकर्ता मरहूम फारूक सैय्यद को श्रद्धांजलि देने के लिए एक शोक सभा आयोजित की।
इस कार्यक्रम में उर्दू घर के सदस्य महमूद नवाज, डॉ हारून रशीद बागबान, डॉ मुहम्मद शफी चोबदार, अब्दुल मजीद शेख, गायक मुहम्मद अयाज, पत्रकार गफूर शेख, इंडियन युथ असोसिएशन के उपाध्यक्ष अबू बकर नल्लामंदू , मजहर अल्लोळी , असलम सैय्यद, जमात-ए-इस्लामी सदस्य खलील अहमद बानकारी, सिराज शेख, प्रोग्रेसिव उर्दू स्कूल के ग्रंथापाल जाफर बंगी, पूर्व प्राचार्य डॉ सिराज मोमिन, अनवर होटगीकर , पत्रकार इमरान इनामदार शामिल हुए थे । उर्दू घर के सदस्य महमूद नवाज ने कहा कि मैंने लंबे समय तक मरहूम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया और कई कार्यक्रमों का आयोजन किया। मैंने उनसे मंच पर बोलने का कौशल सीखा। गोवा से आए पत्रकार इमरान इनामदार ने कहा कि मैंने उनसे पत्रकारिता सीखी, वे मेरे शिक्षक थे प्राचार्य डॉ. हारून रशीद बागबान ने कहा कि फारूक सैय्यद के काम की वजह से मुंबई में उन का खास मकाम था । उन की वजह से मुंबई के लोग इस मामले में सोलापुर के सभी लोगों को महान मानते हैं। प्रसिद्ध गायक मुहम्मद अयाज ने कहा - कि मरहूम की वजह से मुझे हर अच्छा काम की प्रेरणा मिली . रत्नागिरी से पूर्व प्राचार्य डॉ. सिराज मोमिन ने उन्हें उर्दू का पायनियर बताया और उन्हें ग्लोबल पर्सनैलिटी बताया। सोलापुर माजी ग्रंथपाल साहिर नदाफ ने कहा कि मरहूम पानगल उर्दू स्कूल व ज्यु कॉलेज लाइब्रेरी के एक बेहतरीन रीडर थे।
इंडियन यूथ एसोसिएशन के अध्यक्ष और मरहूम के साथी स्टूडेंट, तथा शोक सभा के अध्यक्ष अय्यूब अहमद नल्लामंदू ने कहा कि दुनिया फारूक सैय्यद की तरक्की देख रही है। मैंने उन्हें एक जर्रे से आफताब बनते देखा है। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। मैं इसका गवाह हूं। मुझे दुख है कि बच्चों के साहित्य का चमकता सितारा अव डूब गया।
प्रोग्राम के आखिर में सोलापुर उर्दू घर ने उनकी मगफीरत के लिए दुआ की और एक शोक प्रस्ताव पास किया गया। महमूद नवाज़ ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया और प्रोफेसर डॉ. मुहम्मद शफी चोबदार ने कार्यक्रम का सूत्र - संचलन किया




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